लेखक पुरालेख: villworld

Story

एक लड़की की शादी उसकी मर्जी के खिलाफ एक सिधे
साधे लड़के से की जाती है जिसके घर मे एक मां के आलावा
और कोई नहीं है।
दहेज मे लड़के को बहुत सारे उपहार और पैसे मिले होते हैं ।
लड़की किसी और लड़के से बेहद प्यार करती थी और लड़का
भी…
लड़की शादी होके आ गयी अपने ससुराल…सुहागरात के
वक्त लड़का दूध लेके आता है तो दुल्हन सवाल पूछती है
अपने पति से…एक पत्नी की मर्जी के बिना पति उसको
हाथ लगाये तो उसे बलात्कार कहते है या हक?
पति – आपको इतनी लम्बी और गहरी जाने की कोई
जरूरत नहीं है..
बस दूध लाया हूँ पी लिजीयेगा.. . हम सिर्फ आपको शुभ
रात्रि कहने आये थे कहके कमरे से निकल जाता है। लड़की
मन मारकर रह जाती है क्योंकि लड़की चाहती थी की
झगड़ा हो ताकी मैं इस गंवार से पिछा छुटा सकूँ ।
है तो दुल्हन मगर घर का कोई भी काम नहीं करती। बस
दिनभर online रहती और न जाने किस किस से बातें
करती मगर उधर लड़के की माँ बिना शिकायत के दिन भर
चुल्हा चौका से लेकर घर का सारा काम करती मगर हर
पल अपने होंठों पर मुस्कुराहट लेके फिरती । लड़का एक
कम्पनी मे छोटा सा मुलाजीम है और बेहद ही मेहनती और
इमानदार। करीब महीने भर बित गये मगर पति पत्नी
अब तक साथ नहीं सोये… वैसे लड़का बहुत शांत स्वाभाव
वाला था इसलिए वह ज्यादा बातें नहीं करता था, बस
खाने के वक्त अपनी पत्नी से पूछ लेता था कि… .कहा
खाओगी..अपने कमरे मे या हमारे साथ। और सोने से पहले
डायरी लिखने की आदत थी जो वह हर रात को लिखता
था।
ऐसे लड़की के पास एक स्कूटी था वह हर रोज बाहर
जाती थी पति के अफीस जाने के बाद और पति के वापस
लौटते ही आ जाती थी। छुट्टी का दिन था लड़का भी
घर पे ही था तो लड़की ने अच्छे भले खाने को भी गंदा
कहके मा को अपशब्द बोलके खाना फेंक देती है मगर वह
शांत रहने वाला उसका पति अपनी पत्नी पर हाथ उठा
देता है मगर माँ अपने बेटे को बहुत डांटती है। इधर
लड़की को बहाना चाहिए था झगड़े का जो उसे मिल गया
था, वह पैर पटकती हुई स्कूटी लेके निकल पड़ती है। लड़की
जो रोज घर से बाहर जाती थी वह अपने प्यार से मिलने
जाती थी, लड़की भले टूटकर चाहती थी लड़के को मगर
उसे पता था की हर लड़की की एक हद होती है जिसे
इज्जत कहते है वह उसको बचाये रखी थी। इधर लड़की
अपने प्यार के पास पहुँचकर कहती है।
अब तो एक पल भी उस घर मे नहीं रहना है मुझे । आज
गंवार ने मुझपर हाथ उठाके अच्छा नही किया ।
लड़का – अरे तुमसे तो मैं कब से कहता हूँ की भाग चलो मेरे
साथ कहीं दूर मगर तुम हो की आज कल आज कल पे लगी
रहती हो।
लड़की – शादी के दिन मैं आई थी तो तुम्हारे पास। तुम
ही ने तो लौटाया था मुझे ।
लड़का – खाली हाथ कहा तक भागोगे तुम ही बोलो..मैंने
तो कहा था कि कुछ पैसे और गहने साथ ले लो तुम तो
खाली हाथ आई थी।
आखिर दूर एक नयी जगह मे जिंदगी नये सिरे से शुरू करने के
लिए पैसे तो चाहिए न?
लड़की – तुम्हारे और मेरे प्यार के बारे मे जानकर मेरे
घरवालो ने बैंक के पास बुक एटी एम और मेरे गहने तक रख
लिये थे। तो मैं क्या लाती अपने साथ । हम दोनों मेहनत
करके कमा भी तो सकते थे।
लड़का – चलाकर इंसान पहले सोचता है और फिर काम
करता है। खाली हाथ भागते तो ये इश्क का भूत दो दिन
मे उतर जाता समझी?
और जब भी तुम्हें छुना चाहता हूँ बहुत नखरे है तुम्हारे ।
बस कहती हो शादी के बाद ।
लड़की – हाँ शादी के बाद ही अच्छा होता है ये सब और
सब तुम्हारा तो है। मैं आज भी एक कुवारी लड़की हूँ ।
शादी करके भी आज तक उस गंवार के साथ सो न सकी
क्योंकि तुम्हें ही अपना पति मान चुकी हूँ बस तुम्हारे
नाम की सिंदूर लगानी बाकी है। बस वह लगा दो सबकुछ
तुम अपनी मर्जी से करना।
लड़का – ठीक है मैं तैयार हूँ । मगर इस बार कुछ पैसे जरूर
साथ लेके आना, मत सोचना हम दौलत से प्यार करते हैं ।
हम सिर्फ तुमसे प्यार करते है बस कुछ छोटी मोटी
बिजनेस के लिए पैसे चाहिए ।
लड़की – उस गंवार के पास कहा होगा पैसा, मेरे बाप से
3 लाख रूपया उपर से मारूती कार लि है।
बस कुछ गहने है वह लेके आउगी आज।
लड़का लड़की को होटल का पता देकर चला जाता है ।
लड़की घर आके फिर से लड़ाई करती है।
मगर अफसोस वह अकेली चिल्लाती रहती है उससे लड़ने
वाला कोई नहीं था।
रात 8 बजे लड़के का मैसेज आता है वाटसप पे की कब आ
रही हो?
लड़की जवाब देती है सब्र करो कोई सोया नहीं है। मैं
12 बजे से पहले पहुँच जाउगी क्योंकि यंहा तुम्हारे बिना
मेरी सांसे घुटती है।
लड़का -ओके जल्दी आना। मैं होटल के बाहर खड़ा रहूंगा
bye

लड़की अपने पति को बोल देती है की मुझे खाना नहीं
चाहिए मैंने बाहर खा लिया है इसलिए मुझे कोई परेशान
न करे इतना कहके दरवाजा बंद करके अंदर आती है
की…पति बोलता है की…वह आलमारी से मेरी डायरी दे
दो फिर बंद करना दरवाजा। हम परेशान नहीं करेंगे ।
लड़की दरवाजा खोले बिना कहती है की चाभीया दो
अलमारी की,
लड़का – तुम्हारे बिस्तर के पैरों तले है चाबी ।
मगर लड़की दरवाजा नहीं खोलती वल्की जोर जोर से
गाना सुनने लगती है। बाहर पति कुछ देर दरवाजा
पिटता है फिर हारकर लौट जाता है। लड़की ने बड़े जोर
से गाना बजा रखा था। फिर वह आलमारी खोलके देखती
है जो उसने पहली बार खोला था, क्योंकि वह अपना
समान अलग आलमारी मे रखती थी।
आलमारी खोलते ही हैरान रह जाती है। आलमारी मे
उसके अपने पास बुक एटी एम कार्ड थे जो उसके घरवालो
ने छीन के रखे थे
खोलके चेक किया तो उसमें वह पैसे भी एड थे जो दहेज मे
लड़के को मिले थे। और बहुत सारे गहने भी जो एक पेपर के
साथ थे और उसकी मिल्कीयेत लड़की के नाम थी, लड़की
बेहद हैरान और परेशान थी। फिर उसकी नजर डायरी मे
पड़ती है और वह जल्दी से
वह डायरी निकालके पढ़ने लगती है।
लिखा था, तुम्हारे पापा ने एक दिन मेरी मां की जान
बचाइ थी अपना खून देकर । मैं अपनी माँ से बेहद प्यार
करता हूँ इसलिए मैंने झूककर आपके पापा को प्रणाम करके
कहा की…आपका ये अनमोल एहसान कभी नही भूलूंगा, कुछ
दिन बाद आपके पापा हमारे घर आये हमारे तुम्हारे
रिश्ते की बात लेकर मगर उन्होंने आपकी हर बात बताई
हमें की आप एक लड़के से बेहद प्यार करती हो। आपके
पापा आपकी खुशी चाहते थे इसलिए वह पहले लड़के को
जानना चाहते थे। आखिर आप अपने पापा की princess
जो थी और हर बाप अपने Princess के लिए एक अच्छा
इमानदार Prince चाहता है। आपके पापा ने खोजकर के
पता लगाया की वह लड़का बहुत सी लड़की को धोखा दे
चुका है। और पहली शादी भी हो चुकी है पर आपको बता
न सके क्योंकि उन्हें पता था की ये जो इश्क का नशा है
वह हमेशा अपनों को गैर और गैर को अपना समझता है।
ऐक बाप के मुँह से एक बेटी की कहानी सुनकर मै अचम्भीत
हो गया। हर बाप यंहा तक शायद ही सोचे। मुझे यकीन
हो गया था की एक अच्छा पति होने का सम्मान मिले न
मिले मगर एक दामाद होने की इज्जत मैं हमेशा पा सकता
हूँ।
मुझे दहेज मे मिले सारे पैसे मैंने तुम्हारे ए काउण्ट मे कर
दिए और तुम्हारे घर से मिली गाड़ी आज भी तुम्हारे घर
पे है जो मैंने इसलिए भेजी ताकी जब तुम्हें मुझसे प्यार हो
जाये तो साथ चलेंगे कही दूर घूमने। दहेज…इस नाम से
नफरत है मुझे क्योंकि मैंने इ दहेज मे अपनी बहन और बाप
को खोया है। मेरे बाप के अंतिम शब्द भी येही थे
की..कीसी बेटी के बाप से कभी एक रूपया न लेना। मर्द
हो तो कमाके खिलाना, तुम आजाद हो कहीं भी जा
सकती हो। डायरी के बिच पन्नों पर तलाक की पेपर है
जंहा मैंने पहले ही साईन कर दिया है । जब तुम्हें लगे की
अब इस गंवार के साथ नही रखना है तो साईन करके कहीं
भी अपनी सारी चिजे लेके जा सकती हो।
लड़की …हैरान थी परेशान थी…न चाहते हुए भी गंवार के
शब्दों ने दिल को छुआ था। न चाहते हुए भी गंवार के
अनदेखे प्यार को महसूस करके पलके नम हुई थी।
आगे लिखा था, मैंने तुम्हें इसलिए मारा क्योंकि आपने मा
को गाली दी, और जो बेटा खुद के आगे मा की बेइज्जती
होते सहन कर जाये…फिर वह बेटा कैसा ।
कल आपके भी बच्चे होंगे । चाहे किसी के साथ भी हो, तब
महसूस होगी माँ की महानता और प्यार।
आपको दुल्हन बनाके हमसफर बनाने लाया हूँ जबरजस्ती
करने नहीं। जब प्यार हो जाये तो भरपूर वसूल कर लूँगा
आपसे…आपके हर गुस्ताखी का बदला हम शिद्दत से लेंगे हम
आपसे…गर आप मेरी हुई तो बेपनाह मोहब्बत करके
किसी और की हुई तो आपके हक मे दुवाये माँग के
लड़की का फोन बज रहा था जो भायब्रेशन मोड पे था,
लड़की अब दुल्हन बन चुकी थी। पलकों से आशू गिर रहे थे ।
सिसकते हुए मोबाइल से पहले सिम निकाल के तोड़ा फिर
सारा सामान जैसा था वैसे रख के न जाने कब सो गई पता
नहीं चला। सुबह देर से जागी तब तक गंवार अफीस जा
चुका था, पहले नहा धोकर साड़ी पहनी । लम्बी सी
सिंदूर डाली अपनी माँग मे फिर मंगलसूत्र ।
जबकि पहले एक टीकी जैसी साईड पे सिंदूर लगाती थी
ताकी कोई लड़का ध्यान न दे
मगर आज 10 किलोमीटर से भी दिखाई दे ऐसी लम्बी
और गाढी सिंदूर लगाई थी दुल्हन ने। फिर किचन मे जाके
सासुमा को जबर्दस्ती कमरे मे लेके तैयार होने को कहती
है। और अपने गंवार पति के लिए थोड़े नमकीन थोड़े हलुवे
और चाय बनाके अपनी स्कूटी मे सासुमा को जबर्दस्ती
बिठाकर (जबकी कुछ पता ही नहीं है उनको की बहू आज
मुझे कहा ले जा रही है बस बैठ जाती है)
फिर रास्ते मे सासुमा को पति के अफीस का पता पूछकर
अफीस पहुँच जाती है। पति हैरान रह जाता है पत्नी को
इस हालत मे देखकर।
पति – सब ठीक तो है न मां?
मगर माँ बोलती इससे पहले पत्नी गले लगाकर कहती है
की..अब सब ठीक है…I love you forever…
अफीस के लोग सब खड़े हो जाते है तो दुल्हन कहती है
की..मै इनकी धर्मपत्नी हूँ । बनवास गई थी सुबह लौटी
हूँ
अब एक महीने तक मेरे पतिदेव अफीस मे दिखाई नहीं देंगे
अफीस के लोग? ?????
दुल्हन – क्योंकि हम लम्बी छुट्टी पे जा रहे साथ साथ।
पति- पागल…
दुल्हन – आपके सादगी और भोलेपन ने बनाया है।
सभी लोग तालीया बजाते हैं और दुल्हन फिर से लिपट
जाती है अपने गंवार से …
जंहा से वह दोबारा कभी भी छूटना नहीं चाहती।
* बड़े कड़े फैसले होते है कभी कभी हमारे अपनों की मगर
हम समझ नहीं पाते की…हमारे अपने हमारी फिकर खुद से
ज्यादा क्यों करते हैं*
* मां बाप के फैसलों का सम्मान करे*
क्योंकि ये दो ऐसे शख्स है जो आपको हमेशा दुनियादारी
से ज्यादा प्यार करते हैं ।

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बेबसी की जुबान

बेबसी की जुबान
दोस्तो_जब_लडकी_के_घरवाले_कैसे_लडके_की_तलाश_करते_है

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एक पार्क मे दो बुजुर्ग बातें कर रहे थे….

पहला :- मेरी एक पोती है, शादी के लायक है… BE किया है, नौकरी करती है, कद – 5″2 इंच है.. सुंदर है
कोई लडका नजर मे हो तो बताइएगा..

दूसरा :- आपकी पोती को किस तरह का परिवार चाहिए…??

पहला :- कुछ खास नही.. बस लडका ME /M.TECH किया हो, अपना घर हो, कार हो, घर मे एसी हो, अपने बाग बगीचा हो, अच्छा job, अच्छी सैलरी, कोई लाख रू. तक हो…

दूसरा :- और कुछ…

पहला :- हाँ सबसे जरूरी बात.. अकेला होना चाहिए..

मां-बाप,भाई-बहन नही होने चाहिए..
वो क्या है लडाई झगड़े होते है…

दूसरे बुजुर्ग की आँखें भर आई फिर आँसू पोछते हुए बोला – मेरे एक दोस्त का पोता है उसके भाई-बहन नही है, मां बाप एक दुर्घटना मे चल बसे, अच्छी नौकरी है, डेढ़ लाख सैलरी है, गाड़ी है बंगला है, नौकर-चाकर है..

पहला :- तो करवाओ ना रिश्ता पक्का..

दूसरा :- मगर उस लड़के की भी यही शर्त है की लडकी के भी मां-बाप,भाई-बहन या कोई रिश्तेदार ना हो…

कहते कहते उनका गला भर आया..
फिर बोले :- अगर आपका परिवार आत्महत्या कर ले तो बात बन सकती है.. आपकी पोती की शादी उससे हो जाएगी और वो बहुत सुखी रहेगी….

पहला :- ये क्या बकवास है, हमारा परिवार क्यों करे आत्महत्या.. कल को उसकी खुशियों मे, दुःख मे कौन उसके साथ व उसके पास होगा…

दूसरा :- वाह मेरे दोस्त, खुद का परिवार, परिवार है और दूसरे का कुछ नही… मेरे दोस्त अपने बच्चो को परिवार का महत्व समझाओ, घर के बडे ,घर के छोटे सभी अपनो के लिए जरूरी होते है… वरना इंसान खुशियों का और गम का महत्व ही भूल जाएगा, जिंदगी नीरस बन जाएगी…

पहले वाले बुजुर्ग बेहद शर्मिंदगी के कारण कुछ नही बोल पाए…

( जब की यह हकीकत है हर लडकी और उसके परिवार वाले ऐसे ही लडके की तलाश करते है इसे कोई नकार नही सकता )

दोस्तों परिवार है तो जीवन मे हर खुशी, खुशी लगती है अगर परिवार नही तो किससे अपनी खुशियाँ और गम बांटोगे।

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आम का पुराना पेड़

*बस 2 मिनिट लगेगे पुरा पढना*
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*एक बच्चे को आम का पेड़ बहुत पसंद था।*

*जब भी फुर्सत मिलती वो आम के पेड के पास पहुच जाता।*

*पेड के उपर चढ़ता,आम खाता,खेलता और थक जाने पर उसी की छाया मे सो जाता।*

*उस बच्चे और आम के पेड के बीच एक अनोखा रिश्ता बन गया।*

*बच्चा जैसे-जैसे बडा होता गया वैसे-वैसे उसने पेड के पास आना कम कर दिया।*
*कुछ समय बाद तो बिल्कुल ही बंद हो गया।*

*आम का पेड उस बालक को याद करके अकेला रोता।*

*एक दिन अचानक पेड ने उस बच्चे को अपनी तरफ आते देखा और पास आने पर कहा,*

*”तू कहां चला गया था? मै रोज तुम्हे याद किया करता था। चलो आज फिर से दोनो खेलते है।”*

*बच्चे ने आम के पेड से कहा,*
*”अब मेरी खेलने की उम्र नही है*

*मुझे पढना है,लेकिन मेरे पास फीस भरने के पैसे नही है।”*

*पेड ने कहा,*
*”तू मेरे आम लेकर बाजार मे बेच दे,*
*इससे जो पैसे मिले अपनी फीस भर देना।”*

*उस बच्चे ने आम के पेड से सारे आम तोड़ लिए और उन सब आमो को लेकर वहा से चला गया।*

*उसके बाद फिर कभी दिखाई नही दिया।*

*आम का पेड उसकी राह देखता रहता।*

*एक दिन वो फिर आया और कहने लगा,*
*”अब मुझे नौकरी मिल गई है,*
*मेरी शादी हो चुकी है,*

*मुझे मेरा अपना घर बनाना है,इसके लिए मेरे पास अब पैसे नही है।”*
*आम के पेड ने कहा,*

*”तू मेरी सभी डाली को काट कर ले जा,उससे अपना घर बना ले।”*
*उस जवान ने पेड की सभी डाली काट ली और ले के चला गया।*

*आम के पेड के पास अब कुछ नहीं था वो अब बिल्कुल बंजर हो गया था।*

*कोई उसे देखता भी नहीं था।*
*पेड ने भी अब वो बालक/जवान उसके पास फिर आयेगा यह उम्मीद छोड दी थी।*

*फिर एक दिन अचानक वहाँ एक बुढा आदमी आया। उसने आम के पेड से कहा,*

*”शायद आपने मुझे नही पहचाना,*
*मैं वही बालक हूं जो बार-बार आपके पास आता और आप हमेशा अपने टुकड़े काटकर भी मेरी मदद करते थे।”*

*आम के पेड ने दु:ख के साथ कहा,*

*”पर बेटा मेरे पास अब ऐसा कुछ भी नही जो मै तुम्हे दे सकु।”*

*वृद्ध ने आंखो मे आंसु लिए कहा,*

*”आज मै आपसे कुछ लेने नही आया हूं बल्कि आज तो मुझे आपके साथ जी भरके खेलना है,*

*आपकी गोद मे सर रखकर सो जाना है।”*

*इतना कहकर वो आम के पेड से लिपट गया और आम के पेड की सुखी हुई डाली फिर से अंकुरित हो उठी।*

*वो आम का पेड़ कोई और नही हमारे माता-पिता हैं दोस्तों ।*

*जब छोटे थे उनके साथ खेलना अच्छा लगता था।*

*जैसे-जैसे बडे होते चले गये उनसे दुर होते गये।*
*पास भी तब आये जब कोई जरूरत पडी,*
*कोई समस्या खडी हुई।*

*आज कई माँ बाप उस बंजर पेड की तरह अपने बच्चों की राह देख रहे है।*

*जाकर उनसे लिपटे,*
*उनके गले लग जाये*

*फिर देखना वृद्धावस्था में उनका जीवन फिर से अंकुरित हो उठेगा।*

आप से प्रार्थना करता हूँ यदि ये कहानी अच्छी लगी हो तो कृपया ज्यादा से ज्यादा लोगों को भेजे ताकि किसी की औलाद सही रास्ते पर आकर अपने माता पिता को गले लगा सके !

जयवीर सिंह

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