राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति

राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति
नाइजीरियन मूल के स्वीडिश सिंगर ‘डॉ अल्बन’ का एक खूबसूरत गाना है….

फायर इन सोमालिया.. रिबेल ज़िम्बाब्वे.. फायर इन बोसनिया.. फायर इन अंगोला.. !

मैंने ये गाना 1992 में 12 साल की उम्र में पहली बार सुना था, “इट्स माय लाइफ” एल्बम का ये गाना आप ने भी सुना होगा !

गाने में रूस का नाम नही था ना ही फायर इन अमेरिका, फायर इन फ्रांस या फायर इन ब्रिटेन जैसे शब्द थे !

अमेरिका या यूरोप में समृद्धि विकास और शांति क्यों है जबकि मानव विनाश के 90% हथियार इन्ही देशों के पास है ?

सवाल है जिन देशों में हथियारों का उत्पादन होता है वो देश अराजकता की चपेट में नही है, गृह युद्ध हिंसा तख्ता पलट सिर्फ अफ्रीका मुस्लिम इलाकों में और भारत के आदिवासी क्षेत्रों में क्यों है ?

जवाब है अफ्रीका पृथ्वी का झारखंड और छत्तीसगढ़ है, अफ्रीका में तेल खनिज संपदा गैस के भंडार है, अमेरिका और यूरोप को ये सब सस्ते में चाहिए, खनिज संपदा का दोहन करने के लिए बहुराष्ट्रीय कंपनियों को ठेका मिला है, अफ्रीका की जो सरकार बहुराष्ट्रीय कंपनियों को कॉन्ट्रैक्ट देने में आना कानी करते हैं उन्हें विद्रोहियों के सहारे उन सरकारों का तख्ता पलट कर दिया जाता है !

मुस्लिम देशों में तेल हैं, अमेरिका यूरोप नही चाहते सारे मुस्लिम देशों में शांति रहे, कुछ विद्रोहियों को हथियार मुहैया करा अमेरिका मुस्लिम देशों को विद्रोहियों का डर दिखा कर उन्हें भी अपना हथियार खरीदने को मजबूर कर देता है !

भारत के आदिवासी अंचलों में भी हथियारों के बल पर खनिज संपदा का ब्राह्मण सरकार के समर्थन से बनियों द्वारा दोहन किया जा रहा है, विरोध करने पर माओवादी बताकर मार दिया जाता है !

अमेरिका यूरोप हथियार बनाते हैं लेकिन उनके बनाये हथियारों से सबसे ज्यादा अफ्रीकी देशों के नागरिक मारे जा रहे हैं !

भारत में भी विदेशी ब्राह्मण किसी भी प्रकार की हिंसा में नही मरते ? मरता सिर्फ ओबीसी एससी आदिवासी और मुसलमान !

कश्मीर हिंसा हो दंगा फसाद हो या आदिवासी क्षेत्रों में नरसंहार में ब्राह्मण नही मरता !

अमेरिका यूरोप और ब्राह्मण हिंसा कराकर मुनाफा कामाते हैं, हिंसा की कमाई से ये लोग समृद्ध विकसित हैं !

….और हिंसा में घिरा अफ़्रीकी और आदिवासी भूखे प्यासे और नंगे हैं !

वामपंथी सत्ता के लिए सिर्फ राजनैतिक लोगो को मारते हैं !
कैपिटालिस्ट और दक्षिणपंथी धन और सत्ता के लिए आम नागरिकों को मारते हैं !

Kranti Kumar

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