बलात्कार करना जिनकी परंपरा रही है

कई सौ साल पहले विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में भी एक महिला का बलात्कार हुआ था…वो ज़माना औरंगजेब का था…उसने मंदिर को ज़मीदोज़ कराने का आदेश दे दिया…

मंदिर में बलात्कार की यह कोई पहली घटना नहीं है लेकिन ऐसी बेशर्मी पहली बार हुई है जब शासक वर्ग ही बलात्कारियों को बचाने में लगा हुआ है.

मंदिर में बलात्कार जैसा जघन्य अपराध किए जाने पर बनारस के विश्वनाथ मन्दिर को ढहा देने का आदेश देने वाला औरंगजेब निस्संदेह एक बेमिसाल शासक था. औरंगज़ेब बंगाल जाते हुए बनारस के पास से गुज़र रहा था, तो उसके काफिले में शामिल हिन्दू राजाओं ने बादशाह से निवेदन किया कि वहाँ क़ाफ़िला एक दिन ठहर जाए तो उनकी रानियां बनारस जा कर गंगा नदी में स्नान कर लेंगी और विश्वनाथ मन्दिर में श्रद्धा सुमन भी अर्पित कर लेंगी. औरंगज़ेब ने तुरंत ही यह निवेदन स्वीकार कर लिया और क़ाफिले के पड़ाव से बनारस तक पांच मील के रास्ते पर फ़ौजी पहरा बैठा दिया. रानियां पालकियों में सवार होकर गईं और स्नान एवं पूजा के बाद वापस आ गईं, परन्तु एक रानी, कच्छ की महारानी, वापस नहीं आई, तो उनकी तलाश शुरू हुई. काफी तलाशने के बावजूद रानी का पता नहीं चल सका.

जब औरंगजै़ब को ये मालूम हुआ तो उसे बहुत गुस्सा आया और उसने अपने फ़ौज के बड़े-बड़े अफ़सरों को रानी की तलाश के लिए भेजा. आखिर में उन अफ़सरों ने देखा कि मंदिर में गणेश की मूर्ति जो दीवार में जड़ी हुई है, हिलती है. उन्होंने मूर्ति हटवा कर देख तो तहखाने की सीढी मिली और गुमशुदा रानी उसी में पड़ी रो रही थी. उसकी इज़्ज़त भी लूटी गई थी और उसके आभूषण भी छीन लिए गए थे. यह तहखाना विश्वनाथ की मूर्ति के ठीक नीचे था. राजाओं ने इस हरकत पर अपनी नाराज़गी जताई और क्षोभ प्रकट किया. चूँकि यह बहुत घिनौना अपराध था, इसलिए उन्होंने कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की. उनकी मांग पर औरंगज़ेब ने आदेश दिया कि चूंकि पवित्र-स्थल को अपवित्र किया जा चुका है, अतः विश्वनाथ मूर्ति को कहीं और ले जा कर स्थापित कर दिया जाए और मन्दिर को गिरा कर ज़मीन को बराबर कर दिया जाय और महंत को गिरफ्तार कर लिया जाए. पट्ठाभि सीतारमैया ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक ‘#द फ़ेदर्स एण्ड द स्टोन्स’# मे इस घटना को दस्तावेजों के आधार पर प्रमाणित किया है. पटना म्यूज़ियम के पूर्व क्यूरेटर डा. पी. एल. गुप्ता ने भी इस घटना की पुष्टि की है.ब्राम्हण सदियो से बलात्कार करते आरहे है और करते रहेंगे उन्हे सबक सिखाओ
प्रेमप्रकाश

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