उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्य नाथ द्वारा जाति विशेष के यहाँ भोजन करने पर बहुजन युवाओं के कुछ आम सवाल

आपको अवगत कराते चले कि बीते कल में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्य नाथ ने एक गरीब परिवार में भोजन किया था जिसके चलते, बसपा अध्यक्ष कुमारी मायावती ने उन पर जातिवादी होने व घटिया राजनीति करने का बयान दिया है |
इसी बीच कुछ बहुजन संगठन के युवाओं ने कुछ सवाल उठाये हैं
मुख्यमंत्री माननीय श्री योगी आदित्य नाथ जी ने दलित के घर में खाना खाया।
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कृपया हमारे प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
क्या दलित कोई जानवर है ?
क्या दलित मानव की श्रेणी में नहीं आता है ?
क्या माननीय मुख्यमंत्री जी ने इससे पहले दलित के घर में खाना नहीं खाया था ?
इसका मतलब है कि मुख्यमंत्री जी सबसे बड़े वाले जातिवादी हैं ?
क्या यह एक विशेष समाज का अपमान और अनादर नहीं है ?
यदि मुख्यमंत्री जी जातिवादी नहीं है तो मुख्यमंत्री आवास का शुद्धिकरण क्यों करवाया था ?
“जातिवादी मुख्यमंत्री,धर्मवादी प्रधानमंत्री और जातिवादी उपराष्ट्रपति।”
राजनीति में सिर्फ दलितों को लुभाने के लिए यह खेल खेला जा रहा हैं,क्योंकि वे इसी खेल से जीतते रहे हैं।
आपको बता दें कि अजंता मेंडिस ज्यादा दिनों तक हमारे खिलाड़ियों को आउट नहीं कर सकते हैं,क्योंकि उनकी गेंद को एक दिन हमारे खिलाड़ी समझ ही जाते हैं।
इनकी गुगुली ज्यादा दिनों तक काम नही करेगी।
जय भीम जय भारत…

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