आज की दोस्ती

आज की मित्रता

साँई इस सँसार मे. मतलब का व्यवहार ।

जब लग पैसा गाँठ मे. तब लग ताको यार ।।

तब लग ताको यार. यार सँग ही सँग डोले ।

पैसा रहा ना पास. यार मुख से ना बोलै ।।

कह जयवीर अज्ञान, जगत ये लेखा भाई ।

करै बेगरजी प्रीति, यार बिरला कोई साई ।।

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